जब मैं मरूं
दुनिया
खुद से बात करने वाले लोगों से भरी पड़ी है
, फिर भी तुम मुझे पागल कहते हो
क्योंकि मैं जोर से बोलता हूं।
तुम मुझे सोने की जंजीरों में जकड़े हुए मेरे फैसले पर ले जाते हो,
तुम मेरे सिर को हाथीदांत के टुकड़े पर पटक देते हो,
मैं तुम्हें दोष नहीं देता, तुम जैसा कहते हो वैसा ही करते हो।
गुरुत्वाकर्षण की ओर दौड़ते हुए
हीरा ब्लेड
मेरी साटन त्वचा के माध्यम से कट जाता है,
मेरी मक्खन की हड्डियों के माध्यम से कट जाता है,
और पृथ्वी मेरे रक्त के शाश्वत वसंत से खींचे गए
पवित्र जल से बपतिस्मा लेती है।
जब मैं मर जाऊं
तो मेरी बिना सिर वाली लाश को तितलियों को खिला देना।
उन्हें मेरे जमे हुए कणिकाओं पर दावत दें और नए अमृत की मिठास के बारे में
वसंत के हर ताजे फूल को फुसफुसाएं ।
मेरे मुस्कराते मस्तक को
कांटों का ताज और पवित्र तुलसी से
सजाकर उस स्थान पर रख दो
जहां मेरा अंत हुआ था।
उसे वहीं सड़ने दो, पूरे का एक टुकड़ा,
और हर गवाह को चेतावनी दो,
“मौत आ रही है। अपनी आत्मा को बचाओ।"

![क्या एक लिंक्ड सूची है, वैसे भी? [भाग 1]](https://post.nghiatu.com/assets/images/m/max/724/1*Xokk6XOjWyIGCBujkJsCzQ.jpeg)



































