पवित्र भाषा

Nov 30 2022
मानव शरीर एक अविश्वसनीय साधन है जिस पर हम भरोसा करना भूल जाते हैं। यह आसपास की दुनिया के साथ हमारा संबंध है, एक ही भाषा बोलते हुए, पवित्र और शाश्वत।
विष्णुदीप दीक्षित, Pexels द्वारा फोटो

मानव शरीर एक अविश्वसनीय साधन है जिस पर हम भरोसा करना भूल जाते हैं। यह आसपास की दुनिया के साथ हमारा संबंध है, एक ही भाषा बोलते हुए, पवित्र और शाश्वत।

और वहाँ आधुनिक समाज अपने विश्वासों और मानदंडों के साथ आता है, विरोधाभासों को चिल्लाते हुए और हमारा ध्यान इस बात पर केंद्रित करता है कि वह क्या सोचता है कि हममें से प्रत्येक को मूल्य देना चाहिए।

जीप जा रही है, गोली लो, कॉफी पियो, बिस्किट खाओ, पीसो, निकास करो। वह सब अदृश्य लेकिन हमेशा न्याय करने वाले समाज को संतुष्ट करने के लिए, जो वास्तव में हमारे अस्तित्व पर मुश्किल से ध्यान देता है। कभी रुकें नहीं, क्योंकि यह निश्चित रूप से समर्पण के बराबर होगा और स्पष्ट विफलता जिसे हम घृणा करने के लिए प्रोग्राम किए गए हैं।

हममें से कोई भी बिना रुके केवल सांस नहीं ले सकता और न ही विस्तार कर सकता है। हमें सांस भी लेनी है और जमीन भी।

प्रेरित रहो। प्रेरणा देते रहो।