अर्थ

Mar 27 2023
शुरुआत में सब कुछ अर्थहीन होता है, लेकिन छोटी-छोटी खुशियां होती हैं। एक माँ का स्तन।

शुरुआत में सब कुछ अर्थहीन होता है, लेकिन छोटी-छोटी खुशियां होती हैं।

एक माँ का स्तन।

एक पिता का आलिंगन।

पहला दोस्त।

एक नया खिलौना।

बीच में सब कुछ बेमतलब है, लेकिन छोटी-छोटी खुशियां भी हैं।

पहला चुंबन।

एक साथी गले।

दोस्तों के साथ खाना।

एक अच्छी फ़िल्म।

अंत में, सब कुछ व्यर्थ है, लेकिन छोटी-छोटी खुशियाँ हैं।

एक पोते का दौरा।

एक फ़्लिंग की स्मृति।

किसी पुराने मित्र के साथ सैर-सपाटा।

एक अच्छी किताब।

सब कुछ व्यर्थ है, लेकिन छोटी-छोटी खुशियाँ हैं, और ये आपको वह सब अर्थ प्रदान करती हैं जिसकी आपको आवश्यकता है।