चार हजार मील

Dec 03 2022
शायरी
"पानी, हर जगह पानी, और पीने के लिए एक बूंद नहीं।" - कवि सैमुअल टेलर कोलरिज, द राइम ऑफ द एंशिएंट मेरिनर (1798) ऐसा क्यों है, कि हम घर से चार हजार मील दूर सुंदरता और शांति की तलाश करते हैं जब हम उन्हें पा सकते थे चमकदार कंकड़ हमारे अपने पिछवाड़े में खेल रहे हैं? हां, अन्वेषण एक सर्वोत्कृष्ट आनंद और तड़प है, लेकिन बैंगनी घास के हर ब्लेड में भी सुंदरता है, हर क्रिमसन पंखुड़ी, हर क्षणभंगुर क्षण जो सामने के दरवाजे की उथल-पुथल के बाहर से गिरने की प्रतीक्षा कर रहा है।
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"पानी, पानी हर जगह,
और पीने के लिए एक बूंद नहीं।"
- कवि सैमुअल टेलर कॉलरिज, द राइम ऑफ द एंशिएंट मेरिनर (1798)

ऐसा क्यों है, कि हम घर से चार हजार मील दूर
सुंदरता और शांति की तलाश करते हैं, जबकि हमें उनके चमकदार कंकड़ हमारे पिछवाड़े में खेलते हुए मिल सकते थे?


हां, अन्वेषण एक सर्वोत्कृष्ट आनंद
और तड़प है, लेकिन बैंगनी घास के हर ब्लेड में
सुंदरता भी है, हर क्रिमसन पंखुड़ी हर क्षणभंगुर क्षण सामने के दरवाजे की उथल-पुथल से बाहर निकलने की प्रतीक्षा कर रही है ।




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